खड़ी ढलानों पर अवस्थित हिमनद (Hanging Glaciers)
पाठ्यक्रम: GS1/ भौतिक भूगोल
संदर्भ
- बढ़ते तापमान और क्षेत्रीय वर्षण के बदलते स्वरूप के कारण हिमालयी हिमनदों की स्थिरता कम हो रही है, जिसके परिणामस्वरूप इनमें से कुछ “खड़ी ढलानों पर अवस्थित हिमनद” (Hanging Glaciers) के रूप में विकसित हो सकते हैं।
खड़ी ढलानों पर अवस्थित हिमनद
- खड़ी ढलानों पर अवस्थित हिमनद वे हिम-पिंड हैं, जो तीव्र ढलानों पर स्थित होते हैं और अलग होकर बड़े पैमाने पर हिमस्खलन को उत्प्रेरित कर सकते हैं।
- एक हालिया अध्ययन के अनुसार, गढ़वाल हिमालय की अलकनंदा बेसिन में 219 तक खड़ी ढलानों पर अवस्थित हिमनद हैं।
- तीव्रता से बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तनशीलता के कारण हिमालयी हिमनदों में “ज्यामितीय एवं गतिशील अस्थिरता” तीव्रता से देखी जा रही है।
- खड़ी ढलानों पर अवस्थित हिमनद से हिमखंडों के टूटकर अलग होने का गंभीर जोखिम उत्पन्न होता है। इन हिमखंडों के विखंडन से ग्लेशियल झील के अचानक फटने से आने वाली बाढ़ (GLOFs) जैसी द्वितीयक आपदाएँ भी उत्पन्न हो सकती हैं।

स्रोत: IE
बाल्टिक वे आंदोलन(Baltic Way Movement)
पाठ्यक्रम: GS2/अंतरराष्ट्रीय संबंध
चर्चा में क्यों?
- बाल्टिक वे वर्तमान में भी राष्ट्रीय स्वतंत्रता का प्रतीक है और समकालीन समय में वैश्विक स्तर पर गांधीवादी विचारधारा के प्रभाव का एक उदाहरण प्रस्तुत करता है।
बाल्टिक राज्य
- ये उत्तर-पूर्वी यूरोप में स्थित क्षेत्र हैं, जिनमें एस्टोनिया, लातविया और लिथुआनिया शामिल हैं। ये देश बाल्टिक सागर के पूर्वी तट पर स्थित हैं।
- इनकी पश्चिमी और उत्तरी सीमाएँ बाल्टिक सागर से, पूर्वी सीमा रूस से, दक्षिण-पूर्वी सीमा बेलारूस से तथा दक्षिण-पश्चिमी सीमा पोलैंड और रूस के एक एक्सक्लेव से लगती है।
- इन देशों का ऐतिहासिक विकास लगभग समान रहा है—स्वतंत्रता प्राप्ति से लेकर सोवियत अधिग्रहण और फिर 1990 के दशक के प्रारंभ में पुनः स्वतंत्रता प्राप्त करने तक।
- सोवियत संघ के विघटन के पश्चात बाल्टिक गणराज्य बाजार-आधारित अर्थव्यवस्थाओं में परिवर्तित हुए और पश्चिमी यूरोप के साथ जुड़े। वर्ष 2004 में उन्होंने यूरोपीय संघ और NATO की सदस्यता ग्रहण की।

भारत के साथ सहयोग
- भारत और बाल्टिक देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों के कारण महात्मा गांधी का प्रभाव सुदृढ़ हुआ। इनमें लिथुआनिया में जन्मे हरमन कालेनबाख, विदूनास , अंतानास पोश्का तथा गांधीजी के कार्यों के अनुवाद का विशेष योगदान रहा।
- ग्राजिना मिनियोटाइटे जैसे नेताओं ने अहिंसक नागरिक रक्षा की अवधारणा को बढ़ावा दिया, जबकि वर्ष 1982 की फिल्म “गांधी” का प्रसारण लिथुआनियाई टेलीविजन पर किया गया, ताकि लोगों को शांतिपूर्ण प्रतिरोध के बारे में शिक्षित किया जा सके।
- भारत और बाल्टिक देशों के संबंध व्यापार, प्रौद्योगिकी, सतत विकास, नीली अर्थव्यवस्था और संस्कृति जैसे क्षेत्रों तक विस्तारित हुए हैं।
- भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में भारत का कुल द्विपक्षीय व्यापार लिथुआनिया के साथ $490.61 मिलियन, लातविया के साथ $475.66 मिलियन और एस्टोनिया के साथ $219.69 मिलियन रहा।
बाल्टिक वे
- बाल्टिक वे 23 अगस्त, 1989 को लिथुआनिया, लातविया और एस्टोनिया में सिंगिंग रिवोल्यूशन (1986–91) के दौरान आयोजित एक ऐतिहासिक अहिंसक विरोध प्रदर्शन था।
- यह सिंगिंग रिवोल्यूशन (1986–91) और सोवियत शासन से स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए बाल्टिक राज्यों के शांतिपूर्ण संघर्ष का एक महत्वपूर्ण प्रतीक बन गया।
- लगभग 20 लाख लोगों ने 675 किलोमीटर लंबी मानव शृंखला बनाई, जिसने तेलिन, रीगा और विल्नियस को जोड़ा और सोवियत शासन से स्वतंत्रता की मांग की।
- यह प्रदर्शन मोलोटोव-रिबेंट्रोप संधि की 50वीं वर्षगांठ पर आयोजित किया गया था। इसने उस गुप्त प्रोटोकॉल को उजागर किया, जिसने सोवियत संघ द्वारा बाल्टिक राज्यों के विलय का मार्ग प्रशस्त किया था।
- यह आंदोलन आंशिक रूप से महात्मा गांधी के अहिंसा, सत्याग्रह, असहयोग और नागरिक प्रतिरोध के सिद्धांतों से प्रेरित था।
स्रोत: TH
प्रतिष्ठित विधिवेत्ता
पाठ्यक्रम: GS2/राजव्यवस्था
संदर्भ
- अनुच्छेद 124(3) प्रतिष्ठित विधिवेत्ताओं को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किए जाने की अनुमति देता है, लेकिन पिछले 76 वर्षों में किसी भी व्यक्ति की इस मार्ग से नियुक्ति नहीं हुई है।
परिचय
- अनुच्छेद 124 सर्वोच्च न्यायालय के गठन से संबंधित प्रावधान निर्धारित करता है।
- अनुच्छेद 124(3) उन व्यक्तियों की योग्यता निर्धारित करता है जिन्हें न्यायाधीश नियुक्त किया जा सकता है। इसके अनुसार, व्यक्ति भारत का नागरिक होना चाहिए और उसने या तो पाँच वर्षों तक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में कार्य किया हो, अथवा दस वर्षों तक अधिवक्ता के रूप में कार्य किया हो, या वह “राष्ट्रपति की राय में एक प्रतिष्ठित विधिवेत्ता” हो।
- अधिकांश न्यायाधीशों को उच्च न्यायालयों से पदोन्नत किया गया है, जबकि अपेक्षाकृत कम संख्या में अधिवक्ताओं को सीधे बार (Bar) से नियुक्त किया गया है।
- “प्रतिष्ठित विधिवेत्ता” से सामान्यतः ऐसे व्यक्ति को समझा जाता है, जो कानून के व्यावहारिक अनुप्रयोग, शिक्षण या अनुसंधान के क्षेत्र में गंभीर एवं महत्वपूर्ण कार्य कर रहा हो। इसमें ऐसे व्यक्ति भी शामिल हो सकते हैं जिनके पास न्यायालय में कार्य करने का प्रत्यक्ष अनुभव आवश्यक रूप से न हो।
प्रतिष्ठित विधिवेत्ता की नियुक्ति क्यों नहीं हुई?
- बार काउंसिल के नियम सामान्यतः पूर्णकालिक विधि शिक्षकों को कानून की प्रैक्टिस करने से रोकते हैं।
- वर्तमान समय में नियुक्तियों की प्रक्रिया कॉलेजियम प्रणाली के माध्यम से शुरू होती है। इसका अर्थ है कि किसी विधिवेत्ता की नियुक्ति के लिए पहले सर्वोच्च न्यायालय के कॉलेजियम द्वारा उसके नाम की अनुशंसा की जानी होगी, जिसके बाद नियुक्ति का प्रस्ताव सरकार के पास जाएगा।
Source: IE
सिंधु जल संधि
पाठ्यक्रम: GS2/अंतरराष्ट्रीय संबंध
संदर्भ
- भारत ने स्थायी मध्यस्थता न्यायालय (PCA), हेग द्वारा सिंधु जल संधि (IWT) पर दिए गए निर्णय को अस्वीकार कर दिया है। भारत ने कहा है कि मध्यस्थता न्यायाधिकरण का गठन अवैध रूप से किया गया था और भारत के संबंध में उसे कोई अधिकार-क्षेत्र प्राप्त नहीं है।
परिचय
- भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के तुरंत बाद घोषित किए गए कई कूटनीतिक और आर्थिक उपायों के अंतर्गत सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का निर्णय लिया।
- PCA ने माना कि सिंधु जल संधि पूरी तरह प्रभावी है और भारत को संधि के अंतगर्त अपने दायित्वों का पालन जारी रखना होगा।
- न्यायाधिकरण ने भारत को कश्मीर में रतले जलविद्युत परियोजना के निर्माण को सीमित करने का आदेश दिया तथा बांध की दीवार और विद्युत जल-ग्रहण संरचना पर निर्धारित स्तर से ऊपर निर्माण कार्य करने पर रोक लगाई।
सिंधु जल संधि क्या है?
- वर्ष 1960 में भारत और पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर किए, जिसमें विश्व बैंक ने समझौते के हस्ताक्षरकर्ता के रूप में भूमिका निभाई।
- संधि के तहत भारत को तीन पूर्वी नदियों—व्यास, रावी और सतलुज पर नियंत्रण प्राप्त हुआ, जबकि पाकिस्तान को तीन पश्चिमी नदियों—सिंधु, झेलम और चिनाब पर नियंत्रण प्राप्त हुआ।
- संधि के अनुसार, भारत को पश्चिमी नदियों पर रन-ऑफ-द-रिवर (RoR) जलविद्युत परियोजनाओं के माध्यम से जलविद्युत उत्पादन का अधिकार प्राप्त है। हालाँकि, ऐसी परियोजनाएँ संधि में निर्धारित विशिष्ट डिजाइन एवं संचालन संबंधी मानदंडों के अधीन हैं।

स्रोत: TH
रेमन मैग्सेसे पुरस्कार 2026
पाठ्यक्रम: विविध
संदर्भ
- टॉमी कोह (सिंगापुर), रूना खान (बांग्लादेश) और बो क्यी (म्यांमार) को वर्ष 2026 के रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
रेमन मैग्सेसे पुरस्कार के बारे में
- स्थापना: वर्ष 1958 में फिलीपींस के 7वें राष्ट्रपति रेमन मैग्सेसे की स्मृति में की गई। वे अपनी सत्यनिष्ठा, साहस और लोकतांत्रिक नेतृत्व के लिए प्रसिद्ध थे।
- स्थापना करने वाली संस्था: रॉकफेलर ब्रदर्स फंड (RBF) ने फिलीपींस सरकार के साथ साझेदारी में इस पुरस्कार की स्थापना की।
- प्रशासन: इसका संचालन रेमन मैग्सेसे पुरस्कार फाउंडेशन (RMAF), मनीला द्वारा किया जाता है।
- प्रकृति: यह पुरस्कार एशिया में निःस्वार्थ सेवा और परिवर्तनकारी नेतृत्व का प्रदर्शन करने वाले व्यक्तियों अथवा संगठनों को सम्मानित करता है।
- प्रतिष्ठा: इसे एशिया का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है तथा इसकी प्रतिष्ठा एशिया में नोबेल पुरस्कार के समकक्ष मानी जाती है।
- 1958 से 2008 तक, यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष छह श्रेणियों में प्रदान किया जाता था। ये श्रेणियाँ थीं:
- सरकारी सेवा
- लोक सेवा
- सामुदायिक नेतृत्व
- पत्रकारिता, साहित्य एवं सृजनात्मक संचार कला
- शांति एवं अंतरराष्ट्रीय समझ
- उभरता नेतृत्व
- वर्ष 2009 से, रेमन मैग्सेसे पुरस्कार निश्चित पुरस्कार श्रेणियों में प्रदान नहीं किया जाता है, सिवाय “उभरते नेतृत्व”श्रेणी के।
Source: TH
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